ओंकारेश्वर , दादाजी , सिंगाजी समाधि मंदिर के पट बंद रखने का निर्णय, दर्शन प्रतिबंधित

खंडवा / कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने ज्योतिर्लिंग मंदिर, ममलेश्वर मंदिर बंद करने के साथ नर्मदा घाटों पर स्नान भी 31 मार्च तक प्रतिबंधित किया है। बावजूद इसके कुछ तीर्थयात्री ओंकारेश्वर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को बस स्टैंड पर कुछ बाहरी बसें व यात्री दिखाई दिए। इन्हें कोई रोकने वाला नहीं था। हालांकि रात में बेरिकेड्स लगा कर जांच की गई।प्रशासन ने भूतड़ी अमावस्या पर 24 मार्च को बसों व तीर्थयात्रियों को ओंकारेश्वर पहुंचने वाले मार्गों पर ही रोकने का निर्णय लिया है। अमावस्या को चार दिन शेष हैं। ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट की मुख्य कार्यपालन अधिकारी व पुनासा एसडीएम ममता खेड़े ने दो दिन पहले गणमान्यजनों व अफसरों की बैठक लेकर नर्मदा-स्नान व दर्शन पर प्रतिबंध का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम का कहना है देश भर के मंदिरों में श्रद्धालुओं प्रतिबंध लगाया है। निमाड़ की आस्था का केंद्र संत सिंगाजी समाधिस्थल पर हर पूर्णिमा व अमावस्या पर हजारों श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं। देश में कोरोना वायरस और प्रधानमंत्री के आह्वान को देखते हुए महंत रतन महाराज ने अमावस्या के दिन मंदिर दर्शन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। हमें शासन का सहयोग करने के साथ स्वयं को भी बचाना है।


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